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योगी आदित्यनाथ सरकार ने पेश किया अपना चौथा बजट

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश की सरकार आज यानि मंगलवार को विधानमंडल के दोनों सदनों में वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट पेश किया।

उत्तर प्रदेश के मंत्री परिषद ने यूपी के बजट को मंजूरी दे दी। कैबिनेट की बैठक में लगभग 5. 25 लाख करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी मिली। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना लाल सूटकेस के साथ विधानसभा पहुंचे।

इस बार के बजट में 10 हजार 967 करोड़ 87 लाख की नई योजनाएं शामिल की गई। बता दें, बजट आकार का अनुमान पहले ही लगा लिया गया था।उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का यह चौथा बजट है, जिसमें युवाओं और महिलाओं पर खास फोकस होने की उम्मीद है। यह पहला मौका होगा जब दोनों सदनों में बजट सुबह 11 बजे पेश किया जाएगा।

पिछले वर्षों में बजट दोपहर 12.20 बजे पेश किया जाता था। बजट में पूर्वांचल और बुंदेलखंड के पिछडऩेपन को दूर करने के लिए अच्छी खासी धनराशि देने की बातें बताई जा रही हैं। इस धनराशि से इन दोनों क्षेत्रों की समस्याओं को दूर करने की कोशिश होगी। सड़क, बिजली, पानी से जुड़ी योजनाओं को तेज किया जाएगा।

 

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में बजट पेश करेंगे तो विधान परिषद में इस परंपरा को नेता सदन उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा निभाएंगे।

विधानमंडल में पेश किये जाने से पहले मंगलवार सुबह 9.30 बजे लोकभवन में होने वाली कैबिनेट बैठक में बजट के मसौदे को मंजूरी दी जाएगी। बजट का आकार 5.15 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। समावेशी विकास के फॉर्मूले के तहत नये बजट के जरिये योगी सरकार युवाओं, महिलाओं और किसानों को साधने की कोशिश करेगी।

बुनियादी ढांचे पर रहेगा जोर

 

नए बजट में भी बुनियादी ढांचे पर सरकार का फोकस बरकरार रहेगा। पांच एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को मूर्त रूप देने में जुटी योगी सरकार इनके लिए खजाना खोलेगी। जेवर एयरपोर्ट के विस्तार समेत सूबे में 11 हवाई अड्डों के निर्माण के लिए भी बजट आवंटन हो सकता है। डिफेंस कॉरीडोर के विकास और सड़कों-सेतुओं के निर्माण व रखरखाव के लिए भी सरकार मोटी रकम देगी।

 

युवाओं के लिए उम्मीद की रोशनी

 

युवाओं को दक्ष बनाकर उन्हें स्वरोजगार और नौकरियों के काबिल बनाने के लिए बजट में नई योजनाओं की घोषणा हो सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा को अमली जामा पहनाने के लिए दसवीं कक्षा से स्नातक तक के विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप योजना शुरू होगी। रोजगार मुहैया कराने के लिहाज से उपयोगी मानी जा रही एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना को सरकार शिद्दत से आगे बढ़ाएगी।

 

महिलाओं की फिक्र भी

 

आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाओं पर भी सरकार मेहरबान होगी। हिंदू परित्यक्ताओं और तीन तलाक पीड़िता मुस्लिम महिलाओं को सालाना छह हजार रुपये पेंशन देने के मुख्यमंत्री की घोषणा को बजट के जरिये अमली जामा पहनाया जा सकता है। राज्य पुलिस बल में महिलाओं की 20 प्रतिशत हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए भी बजट में एलान संभव है।

 

किसानों को साधने की तैयारी

 

इसी वर्ष होने जा रहे पंचायत चुनाव को देखते हुए सरकार ग्रामीण सेक्टर को तवज्जो देगी और किसानों को साधने का प्रयास भी। किसानों व उनके आश्रितों और बटाईदारों को सामाजिक सुरक्षा देने के मकसद से मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के लिए सरकार बटुआ ढीला करेगी। जल जीवन मिशन और बुंदेलखंड-विंध्य क्षेत्र में पाइप्ड पेयजल योजना को आगे बढ़ाने के लिए सरकार दरियादिली दिखाएगी। छुट्टा पशुओं की समस्या से किसानों को निजात दिलाने के लिए गोआश्रय स्थलों के निर्माण पर सरकार का फोकस बरकरार रहेगा। सिंचाई क्षमता बढ़ाने और अधूरी परियोजनाओं को पूरी करने के लिए भी सरकार पर्याप्त बजट आवंटन करेगी।

 

बढ़ेगा सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का एजेंडा

 

योगी आदित्यनाथ सरकार सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के एजेंडे को धार देने से नहीं चूकेगी। अयोध्या, काशी और मथुरा में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार उदारता दिखाएगी।

 

कानून व्यवस्था के मोर्चे पर चौकसी

 

कानून व्यवस्था में सुधार को लेकर मुख्यमंत्री के रुख को देखते हुए बजट में गृह विभाग के लिए भी पर्याप्त आवंटन होने के आसार हैं।

 

अटल जी के नाम पर नई योजनाएं

 

बजट में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से नई योजनाएं लाने की चर्चाएं भी हैं। अटलजी के नाम पर शहरों में पार्क बनाने तथा जनसरोकारों से जुड़ी कुछ योजनाएं चलाने की घोषणा बजट में शामिल किए जा सकते हैं।

 

राजधानी की योजनाओं को मिलेगी रफ्तार

 

लखनऊ में गोमती रिवर फ्रंट के काम को आगे बढ़ाने के साथ ही रिवर फ्रंट पार्क में अटलजी की प्रतिमा लगाने की घोषणा की जा सकती है। जाम वाले इलाकों के लिए नये फ्लाईओवर और आरओबी की योजनाएं बजट का हिस्सा हो सकती हैं।

 

सजेगी काशी, पर्यटन के साथ ही मेट्रो को पर्याप्त बजट

 

बजट के माध्यम से प्रदेश सरकार वाराणसी, मथुरा और अयोध्या के धार्मिक और पर्यटन विकास की योजनाओं को रफ्तार दे सकती है। वाराणसी के लिए पर्यटन की नई योजनाएं और वहां मेट्रो रेल के लिए पर्याप्त बजट दिए जाने की चर्चा है।

 

एक्सप्रेस-वे के कामों के लिए 10 हजार करोड़ तक

 

बजट में पूर्वांचल, बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के साथ ही गंगा एक्सप्रेस वे के लिए भरपूर धनराशि दिए जाने की चर्चाएं हैं। एक्सप्रेस वे के कामों को रफ्तार देने के लिए करीब 10 हजार करोड़ रुपये तक आवंटित किए जा सकते हैं। औद्योगिक कारीडोर खासकर डिफेंस कारीडोर के विकास पर भी बजट में खास प्रबंध दिखने के आसार हैं।

 

महिला कल्याण और सुरक्षा के दावों को मजबूत करेगी सरकार

 

बजट में सभी धर्मों की परित्यक्त महिलाओं के लिए पेंशन की व्यवस्था किए जाने की सूचनाएं हैं। बताया जाता है कि प्रदेश सरकार ने तीन तलाक व परित्यक्त महिलाओं के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि देने की घोषणा बजट में कर सकती है। महिलाओं की सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं में इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 40 फीसदी अधिक धनराशि दिए जा सकते हैं।

 

केंद्र सहायतित योजनाओं को देंगे पर्याप्त धनराशि

 

केंद्र सरकार की सहायता से जुड़ी जन कल्याण की योजनाओं जैसे आवास, ग्रामीण सड़क, स्वास्थ्य, कृषि-सिंचाई, पेयजल आदि योजनाओं के मद में भी पर्याप्त धनराशि का प्रबंध बजट में दिखेगा। केंद्र सरकार ने अपने बजट में इन योजनाओं के लिए बजट का आकार इस बार बड़ा किया है।

 

 

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