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यहां गड्ढों में गुम हुआ हाईवे

कोटद्वार : नजीबाबाद-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 534 की बदहाल स्थिति देखनी हो तो कोटद्वार से दुगड्डा के मध्य 15 किलोमीटर का सफर कर लीजिए। यकीन मानिए घर पहुंचकर अस्थि रोग विशेषज्ञ से कमर दर्द की दवा अवश्य लेनी पड़ेगी।

दरअसल, 15 किमी. के इस सफर में गड्ढों में राजमार्ग तलाशना पड़ता है। हैरानी की बात तो यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग का धुमाकोट खंड प्रतिवर्ष मार्ग की दशा सुधारने के नाम पर इस मार्ग पर करोड़ों की धनराशि खर्च करता है, लेकिन मार्ग की दशा जस की तस रहती है।

एक बार फिर विभाग ने इस मार्ग पर डामरीकरण के नाम पर करोड़ों की धनराशि स्वीकृत करवा दी है और जल्द ही मार्ग पर नए सिरे से डामर बिछाने की तैयारी में है।

 

सरकारी कार्यों की गुणवत्ता देखनी हो तो नजीबाबाद-बुआखाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर नजर डाल दीजिए। इस राजमार्ग पर कोटद्वार-दुगड्डा के मध्य वर्ष भर निर्माण चलता रहता है।

गर्मियों में बनाए पुश्ते बरसात में ढह जाते हैं और सर्दियों में बिछाया डामर गर्मियों तक उखड़ जाता है। राजमार्ग पर सफर यूं लगता है मानो किसी दूरदराज के गांव की सड़क में हिचकोले खा रहे हों।

बीते वर्ष विभाग ने इस मार्ग में कई स्थानों पर डामर बिछाकर गढ्डों को भरने का प्रयास किया था, लेकिन वाहन चलने के साथ ही डामर भी उखड़ता चला गया। वर्तमान में महकमा गढ्डों में मिट्टी भरकर सफर को सुहावना बनाने के प्रयास में जुटा हुआ है।

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