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मूलभूत सुविधाओं दोगे तो गांव में फिर से बसने को तैयार

चम्पावत: मूलभूत सुविधाओं के अभाव में पलायन से खाली हो चुके खर्राटाक गांव को फिर से आबाद करने की मांग मुखर हो गई है।

बुधवार को क्षेत्र के लोगों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर जिलाधिकारी एसएन पांडे को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। जिसमें गांव को सड़क सुविधा से जोड़ने और खर्राटाक के समीप जिम कॉर्बेट क्षेत्र को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है।

लोगों ने बताया कि सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में 25 वर्ष पूर्व नेपाल सीमा से लगे खर्राटाक गांव पलायन से खाली हो चुका था।

जिसके चलते यह शिकारियों का अड्डा बन गया, लेकिन पिछले चार वर्षों से गांव के युवाओं द्वारा बंजर खेतों को आबाद कर अदरक, हल्दी, गडेरी, गहत, सब्जी आदि की पैदावार की जा रही है।

हालांकि जरूरी सुविधाएं न होने से यहां कोई रहना नहीं चाहता है। प्रशासन की ओर से गांव को जरूरी सुविधाओं से जोड़ने का प्रयास नहीं किया जा रहा है। कहा कि प्रशासन गांव में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराता है तो खाली पड़ा गांव फिर से आबाद हो सकता है।

ज्ञापन देने वालों में पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश तिवारी, पूर्णागिरि मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष किशन तिवारी, पंकज तिवारी, कृष्णानंद तिवारी, दिनेश चंद्र तिवारी, भुवन चंद्र तिवारी, लालमनी तिवारी, गिरीश तिवारी, जयदेव तिवारी, नेहा तिवारी, सुनीता तिवारी, हेमा तिवारी, बबीता, कलावती देवी, हरीश तिवारी, तुलसी दत्त्त आदि के हस्ताक्षर हैं।

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