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मा पूर्णागिरि मेले का लाइट टेंडर हुआ निरस्त

चम्पावत : उत्तर भारत के सुप्रसिद्ध मा पूर्णागिरि मेले के लिए एक सप्ताह पूर्व हुए लाइट टेंडर को कमेटी ने मंगलवार को निरस्त कर दिया। कमेटी का कहना है कि कंपनी ने दस्तावेज पूरे नहीं लगाए थे।

जांच में एरर आने की वजह से यह चेक नहीं हो पाया। बहरहाल दैनिक जागरण द्वारा लाइट टेंडर में हुई गड़बड़ी की खबर को कमेटी ने पुष्टि कर दी। कमेटी ने 19 फरवरी को रिटेंडर कराने के आदेश दिए हैं।

 

मा पूर्णागिरि का तीन महीने चलने वाला मेला 11 मार्च से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा। इसके लिए जिला पंचायत द्वारा तैयारी की जा रही है। जिला पंचायत द्वारा लाइट, साउंड, पार्किग, मुंडन, टीन शेड, सफाई आदि के टेंडर किए जा रहे है। बीते एक सप्ताह पूर्व लाइट के लिए ऑनलाइन टेंडर हुए।

जिसमें चार कंपनियों ने टेंडर डाले, लेकिन टेंडर खोलने वाली कमेटी ने बगैर दस्तावेजों की जांच किए कम रेट डालने वाली फरुखाबाद की मां भगवती कंपनी के पक्ष में टेंडर जारी कर दिए। टेंडर के दौरान निविदा डालने वाली अन्य कंपनियों ने इसको लेकर आपत्ति भी उठाई थी, लेकिन कमेटी ने उस समय आपत्तियों को दरकिनार कर दिया था।

यही नहीं कमेटी ने कंपनी के पक्ष में वर्क ऑर्डर भी जारी कर दिए। जब दैनिक जागरण ने मामले की पड़ताल की तो कंपनी के दस्तावेज फर्जी होने के साथ अपूर्ण प्रतीत हुए। इस पर जागरण में 10 फरवरी के अंक में खबर भी प्रकाशित हुई। जिसका संज्ञान लेते हुए मंगलवार को कमेटी ने टनकपुर तहसील में पुन: बैठक बुलाकर आपत्तियों को दूर करने के लिए दस्तावेजों की फिर से जांच की।

जिसमें कमेटी ने पाया कि कंपनी ने पांच साल के अनुभव की जगह चार का अनुभव लगाया और एक साल का बैरिकेडिंग का अनुभव लगाया। जिसके चलते कमेटी ने टेंडर निरस्त करने के साथ रिट टेंडर कराने के आदेश दिए। अब 19 फरवरी को रिटेंडर किए जाएंगे।

जिस कम्पनी के पक्ष में टेंडर खुले हैं उसमें कुछ आपत्ति लगी थी। जिसके चलते कमेटी की आज हुई बैठक में लगी आपत्तियों को दूर करने के साथ कंपनी के दस्तावेजों की पुन: जांच की गई। जांच में दस्तावेज अधूरे मिले। उस दौरान टेक्निकल दिक्कत की वजह से दस्तावेज सही से चेक नहीं हो पाए थे। अब 19 फरवरी को रिटेंडर किए जाएंगे।

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