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भूस्खलन प्रभावितों को रिश्तेदार व किराये के मकानों में लेनी पड़ी शरण

गोपेश्वर : नंदप्रयाग में हाईवे चौड़ीकरण के दौरान हुए भूस्खलन से क्षतिग्रस्त हुए पांच घरों के लोग अपने रिश्तेदारों व किराए के मकानों में शरण ले रहे हैं। प्रशासन ने उनके मकानों की क्षति का आंकलन कराया है। लेकिन, अभी तक उन्हें कोई भी सरकारी सहायता नहीं मिली है।

 

गौरतलब है कि बदरीनाथ हाईवे के चौड़ीकरण के दौरान हुए भूस्खलन से नंदप्रयाग बगड़ में पांच लोगों के मकानों की क्षति पहुंची है। इन घरों में रह रहे लोगों ने अन्य जगहों पर शरण ली है।

उन्हें अभी तक सरकारी सिस्टम से कोई मदद नहीं मिली है। हालांकि राजस्व विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी है।

आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि राजस्व विभाग ने मौके का निरीक्षण कर जिला मुख्यालय रिपोर्ट भेजी है जिसमें तीन भवनों को पूर्ण व एक को आंशिक नुकसान की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को नियमानुसार सहायता दी जाएगी। फिलहाल वे सुरक्षित स्थानों में रह रहे हैं।

भूस्खलन प्रभावित पर्यावरण मित्र मनोज का कहना है कि उनका परिवार भाई के मकान में रह रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व पुलिस पटवारी ने मौके पर पहुंचकर प्रभावितों को मदद का भरोसा दिलाया है। प्रभावित सोनी को नगर पंचायत ने एक कक्ष उपलब्ध कराया है। अन्य प्रभावित परिवार भी सुरक्षित स्थानों में रह रहे हैं।

 

नगर पंचायत अध्यक्ष शिवानी वैष्णव ने बताया कि एनएच के अधिकारियों ने मदद का भरोसा दिलाया है। प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। उन्होंने कहा कि तहसील प्रशासन को उन्होंने पूरी जानकारी दे दी है। बताया कि आपदा प्रभावित कुछ परिवारों का दूसरा मकान भी है जहां वे वर्तमान में रह रहे हैं।

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