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बीएडीपी के कार्यो में धांधली को लेकर लोगों ने किया प्रदर्शन

चम्पावत : बीएडीपी के कार्यो में हो ही धांधली व टेंडर में गोलमाल का मामला गुरुवार को जिलाधिकारी की चौखट में पहुंच गया है। सीमांत क्षेत्र के लोगों ने जल निगम और जिला पंचायत पर बीएडीपी की धनराशि का दुरुपयोग कर अपने चहेतों को काम देने और धरातल पर काम शून्य होने का आरोप लगाते हुए योजना के लिए डाले गए टेंडर निरस्त कर नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित करने की मांग की है। उन्होंने सरकारी विभागों पर बीएडीपी के कार्यों के लिए जिले से बाहर के अखबारों में निविदाएं प्रकाशित करने का भी आरोप लगाया।

 

गुरुवार के अंक में दैनिक जागरण ने मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। जिसके बाद गुरुवार को सौराई, दूबड़ जैनल, रमैला, कफल्टा सल्ली अमौन आदि गांवों के जनप्रतिनिधि कलक्ट्रेट पहुंचे और सरकारी विभागों पर बीएडीपी (बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम) की धनराशि में हो रही हेरा फेरी करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। कहा कि विभागीय अधिकारियों और ठेकदारों की मनमानी के कारण धरातल पर विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने सरकारी धन को ठिकाने लगाने का भी आरोप लगाया।

बाद में लोगों ने एडीएम टीएस मर्तोलिया और जिलाधिकारी एसएन पांडे को ज्ञापन सौंपकर विभागों की ओर से मानकों को ताक पर रखकर डाले गए टेंडरों को निरस्त कर नए सिरे से निविदाएं आमंत्रित करने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने वालों में सौराई के पूर्व प्रधान दान सिंह बोहरा, दूबड़ जैनल के पूर्व प्रधान पुष्कर सिंह महर, सल्ली के पूर्व प्रधान पूरन सिंह रावत, रमैला के पूर्व प्रधान राजू सिंह, कफल्टा निवासी बोधराम, सल्ली अमौन के नाथ सिंह बोहरा आदि शामिल थे।

इधर बीएडीपी योजना में कुछ विभागों द्वारा मानकों को ताक में रखकर निविदाएं आमंत्रित करने और योजनाओं का चयन गलत ढंग से किए जाने की शिकायतों के बाद प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं। सूत्रों के अनुसार प्रशासन मामले की जांच कर दोषी पाए जाने पर अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकता है।

बीएडीपी की योजनाओं का चयन गलत ढंग से करने और फर्जी तरीके से टेंडर आमंत्रित करने की शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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