बागेश्वर

बिजली की चिंगारी से घास के ढेर जले

गरुड़: तैलीहाट गांव में बिजली के झूलते तारों से निकली चिंगारी से खेतों में लगाए गए घास के पांच ढेर जलकर राख हो गए। खेतों में काम करने वाली महिलाओं ने लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। समय रहते चिगारी देख लेने के कारण उन्होंने दूर जाकर अपने को सुरक्षित किया। जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया।

 

तहसील क्षेत्र में बिजली के झूलते तार सालों से खतरा बने हैं। कई बार लोगों ने बिजली विभाग को इनके बारे में बताया। इसके बावजूद विभाग ने इनकी सुध नहीं ली। गुरुवार दोपहर डेढ़ बजे के करीब हवा चलने से तार आपस में टकराने से चिंगारी निकलने लगी।

जिससे खेतों में रखे घास के ढेर सुलग उठे। हवा चलने के कारण आग तेजी से फैल गई। वहां मौजूद तारा पंत व गीता लोहनी ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन भयानक लपटों के आगे उनकी एक न चली।

इसके बाद उन्होंने आग लगने की सूचना ग्रामीणों को दी। मोहन सिंह ने बताया कि महिलाओं के बताने पर लोग खेतों की ओर दौड़े। किसी तरह से उन्होंने जल पंप की मदद से नदी से पानी खींचकर आग पर काबू पाया।

आग की चपेट में आने से पान सिंह मेहरा, उमेश त्रिपाठी, बहादुर सिंह मेहरा और मनोहर मेहरा के घास के ढेर जलकर राख हो गए। उन्होंने प्रशासन से नुकसान का मुआवजा देने की मांग की है। इधर, ईई भास्कर पांडे ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है।