हरिद्वार

बरामदे मे सो रहे युवक को बदमाशों ने गोली मारी

रुड़की, झबरेड़ा क्षेत्र के गोकुलपुर गांव में घर के बरामदे में सो रहे युवक को बदमाशों ने छाती और पैर पर गोली मार दी। बेटे को बचाने आई मां के सिर पर बदमाशों ने डंडे से हमला कर घायल कर दिया। ग्रामीणों ने बदमाशों का काफी दूर तक पीछा किया, लेकिन बदमाश हाथ नहीं आए। बदमाश छत के रास्ते मकान में दाखिल हुए थे। पुलिस ने तीन अज्ञात बदमाशों पर मुकदमा दर्ज किया है।

 

पुलिस के मुताबिक झबरेड़ा थाना क्षेत्र के गोकुलपुर गांव निवासी सतेंद्र मजदूरी करता है। सतेंद्र के पिता सुभाष कुमार हरियाणा के पलवल में काम करते हैं। गत रात को सतेंद्र घर के बरामदे में सोया था। उसके बगल में ही दूसरी चारपाई पर उसकी मां ईश्वरकली सो रही थी।

रात करीब साढ़े बारह बजे तीन बदमाश छत के रास्ते मकान के अंदर दाखिल हुए। बदमाशों ने चारपाई पर सो रहे सतेंद्र की छाती और पैर में गोली मार दी।

गोली चलने की आवाज सुनकर सतेंद्र की मां ईश्वरकली की नींद खुल गई। महिला अपने बेटे को बचाने के लिए बदमाशों से भिड़ गई। बदमाशों ने महिला के सिर पर डंडे से हमला कर दिया। इससे महिला के सिर में गंभीर चोट आई।

 

इसके बाद बदमाश घर का मेन दरवाजा खोलकर भागने लगे। महिला के शोर मचाने पर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। बदमाशों ने सतेंद्र के घर से भाग रहे तीनों बदमाशों का पीछा किया, लेकिन वे अंधेरे में चकमा देकर भाग निकले। इसी बीच थाना प्रभारी रविंद्र शाह भी मौके पर पहुंचे। युवक को सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां से उसे ऋषिकेश के एम्स अस्पताल रेफर किया गया। एम्स अस्पताल में युवक का उपचार चल रहा है।

इस मामले में सतेंद्र की मां ईशवरकली की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों पर मुकदमा दर्ज किया है। थाना प्रभारी रविंद्र शाह ने बताया कि इस मामले में पुलिस को अहम सुराग हाथ लगे है। शीघ्र ही बदमाशों की धरपकड़ की जाएगी।

थाना प्रभारी की सक्रियता से बची युवक की जान

 

जिस समय युवक को गोली मारकर बदमाश फरार हुए। उस समय थाना प्रभारी रविंद्र शाह पुलिस टीम के गश्त गांव के पास ही गश्त कर रहे थे। घटना के कुछ ही देर बाद थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गए।

थाना प्रभारी ने पुलिसकर्मियों की मदद से युवक को अपनी ही गाड़ी से सिविल अस्पताल भिजवाया। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद युवक को रेफर किया गया। पुलिस ने समय रहते हुए युवक को अस्पताल पहुंचाया। इससे उसकी जान बच गई।