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बच्चों को खिलाई एल्बेंडाजोल

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पिथौरागढ़: राष्ट्रीय कृमि दिवस पर सोमवार को स्कूली बच्चों द्वारा जागरूकता रैली निकाली गई। इस मौके पर 19 वर्ष की उम्र तक के छात्रों को एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई गई। दवा खाने से छूटे बच्चों को 17 फरवरी को खुराक दी जाएगी।

 

जिला मुख्यालय में स्थानीय जेबी मेमोरियल मानस एकेडमी कुमौड़ में जिलाधिकारी डॉ. वीके जोगदंडे ने विद्यालय के बच्चों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाकर कृमि दिवस का शुभारंभ किया। अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चलाया गया है। जिसमें 2 वर्ष से 19 वर्ष आयु के सभी छात्रों को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाई जा रही है, ताकि स्कूल में अध्ययनरत बच्चे स्वस्थ रह सकें।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. उषा गुंज्याल ने बताया कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान के तहत जिले में 1 लाख 43 हजार बालक व बालिकाओं को एल्बेंडाजोल की दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए जिले के 1534 सरकारी, 254 निजी, 29 अन्य विद्यालयों के साथ ही 1109 आंगनबाड़ी केंद्रों को पूर्व में दवा उपलब्ध कराई गई है। एसडीएस राइंका में अभियान का शुभारंभ करते हुए प्रधानाचार्य मोहन चंद्र पाठक ने कहा कि प्रत्येक वर्ष दस फरवरी व दस अगस्त को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जाता है।

एसवीएम देवलथल में प्रधानाचार्य एमडी कापड़ी के नेतृत्व में बच्चों ने जागरू कता रैली निकाली। संस्थापक नरेंद्र बिष्ट ने बच्चों को कृमि के लक्षण व उनसे बचने के उपाय बताए।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर यहां नेहरू युवा केंद्र द्वारा नगर में जागरू कता रैली निकाली गई। केंद्र की ओर से गुरु कुल पब्लिक स्कूल के बच्चों को कृमि से होने वाले संक्रमण से बचाव व कृमि रोग के लक्षण के बारे में बताया

 

लोहाघाट में भी स्कूली बच्चों को खिलाई दवा

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों व आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को अल्बेंडाजोल की दवा खिलाई गई। दवा खाने से किसी कारणवश छूट गए बच्चों को 17 फरवरी को दवा खिलाई जाएगी। सोमवार को चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजीत सिंह ने बच्चों को दवा खिलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सीएमएस ने बताया कि एक साल से लेकर 19 साल तक के बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य है। बताया कि दवा खाने के बाद किसी बच्चे की जी मिचलने की शिकायत हो तो घबराने की जरूरत नहीं है। उसे तुरंत स्वच्छ पानी पिलाएं एवं बेड पर लिटा दें। डॉ. जीतेंद्र सिंह, डॉ. जुनैद कमर, एलडी जोशी, राकेश पंत, उमेश जोशी ने भी बच्चों को दवा खिलाई।

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