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प्राकृतिक आपदा में मदद पहुंचाने को कारगर साबित होगी रेडियो संचार प्रणाली

द्वाराहाट: राज्य में प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए रेडियो संचार प्रणाली विकसित करने के मकसद से बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान (बीटीकेआइटी) में दो सप्ताह की कार्यशाला जारी है।

विशेषज्ञों ने कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे विद्यार्थियों से लाभ उठाकर इस क्षेत्र में भविष्य तलाशने का आह्वान किया।

 

बिपिन त्रिपाठी कुमाऊं प्रौद्योगिकी संस्थान में रेडियो संचार प्रणाली पर आधारित दो सप्ताह के तीसरे दिन संस्थान निदेशक प्रो. वीएन मिश्रा ने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य में आपदा के समय रेडियो संचार प्रणाली उपयोगी साबित होगी। कहा के विषम परिस्थितियों में मोबाइल समेत अन्य संचार माध्यमों के सही ढ़ंग से कार्य नहीं करने पर रेडियो संचार प्रणाली मदद के लिए कारगर होगी।

उन्होंने कार्यशाला का समुचित लाभ उठा इस क्षेत्र में भविष्य तलाशने का आह्वान किया। कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष डॉ. केएस वैशला व कुलसचिव डॉ. अजीत सिंह ने इसे राज्य के लिए बेहतर प्रणाली बताते हुए अलग से लैब स्थापित करने का सुझाव रखा। संचालन समन्वयक डॉ. विशाल कुमार ने किया। कार्यशाला में डॉ. ज्योति सक्सेना, डॉ. सत्येंद्र सिंह, ललित गड़िया, वरुण काकरान, अनिंदिता साह आदि मौजूद रहे।

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