देश/प्रदेश

पीपीपी मोड के अस्पताल के खिलाफ धरना शुरू

घनसाली: भिलंगना के एकमात्र सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलेश्वर के पीपीपी मोड में जाने के बाद अव्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय लोगों ने सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।

 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलेश्वर 30 बेड का अस्पताल है और ब्लॉक का सबसे प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन पिछले साल से इसे हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट को पीपीपी मोड में संचालित करने के लिए दे दिया गया। इसके बाद अस्पताल में अव्यवस्थाएं बनी हुई हैं।

मानकों के अनुसार क्षेत्र के इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलेश्वर में 10 डॉक्टरों सहित दर्जनों अन्य स्टाफ नर्स व फार्मासिस्ट आदि की तैनाती की जानी थी, लेकिन जब से अस्पताल पीपीपी मोड में गया है तब से वहां पर कोई भी डॉक्टर रहने को तैयार नहीं है ।

जिससे परेशान होकर क्षेत्र के लोगों ने इसकी शिकायत सरकार से लेकर प्रशासन तक की,लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला तो स्वास्थ्य संवर्धन समिति के लोगों ने अस्पताल प्रशासन व सरकार के खिलाफ सोमवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। समिति के अध्यक्ष विशेश्वर प्रसाद जोशी का कहना है कि यह भिलंगना का सबसे बड़ा चिकित्सालय है।

लेकिन जबसे अस्पताल पीपी मोड में गया है तब से यहां पर चिकित्सकों की भारी किल्लत बनी हुई है। लोगों को छोटी मोटी बीमारी बीमारी के इलाज के लिए भी श्रीनगर , नई टिहरी, देहरादून जैसे शहरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।

उनकी मांग है कि सामुदायिक विलेश्वर चिकित्सालय को पीपी मोड से हटाकर सरकार के माध्यम से ही अस्पताल का संचालन किया जाए। धरने में क्षेत्र के पूर्व विधायक भीम लाल आर्य, आशीष जोशी,विनोद गैरोला, छविराम जोशी, हरि तिवारी,शिवेंद्र रतूड़ी आदि लोग बैठे रहे।

विशेष