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पानी को दौड़ लगाने के लिए मजबूर ग्रामीण

कोटद्वार:विकासखंड रिखणीखाल के अंतर्गत ग्राम कांडा मल्ला की जनता पिछले लंबे समय से पेयजल किल्लत से जूझ रही है। हालात यह है कि ग्रामीण तड़के चार बजे से ही गांव से करीब एक किमी. दूर प्राकृतिक स्त्रोत में पानी के लिए लाइन लगा रहे हैं।

 

करीब सौ परिवारों वाले ग्राम कांडा मल्ला में कंडूली पेयजल योजना से पेयजल आपूर्ति होती थी, लेकिन कुछ माह पूर्व ग्राम कंडूली बड़ी के लिए हो रहे सड़क निर्माण के दौरान पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई। चार किमी. लंबी इस पेयजल योजना की मरम्मत के लिए ग्रामीणों ने प्रयास भी किए, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

मिट्टी के ढेरों के नीचे दबी पाइपों के आगे ग्रामीणों की हिम्मत भी हार गई। इधर, गांव में पानी न आने के कारण ग्रामीण पूरी तरह गांव से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित पीपलडंग स्त्रोत पर निर्भर हैं। सुबह चार बजे से ही ग्रामीण इस स्त्रोत पर पानी के लिए एकत्र होने लगते हैं व पूरे दिन पानी भरने का क्रम चलता रहता है।

बुजुर्ग जमुना देवी, सावित्री देवी, अनिल रावत, साहिल बताते हैं कि कई मर्तबा संबंधित विभाग से पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है। कहा कि सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार से भी लाइन की मरम्मत को कहा गया, लेकिन ठेकेदार भी नहीं सुन रहा।

ग्राम प्रधान जीतेंद्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र में जंगली जानवरों का भय है, लेकिन पानी की जरूरत ग्रामीणों को भोर होने से पहले ही प्राकृतिक स्त्रोत तक जाने के लिए मजबूर कर रही है। कहा कि यदि विभाग जल्द से जल्द योजना की मरम्मत नहीं करता तो ग्रामीण उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

 

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