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परीक्षा केंद्रों की सुविधाओं को परखने पहुंचे डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा

प्रयागराज, विश्व के सबसे बड़े परीक्षा बोर्ड यानी उत्तर प्रदेश माध्यमिक परिषद की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट 2020 की परीक्षा मंगलवार से शुरू हो गई है। यूपी बोर्ड की इस परीक्षा में प्रदेश भर के 56 लाख से अधिक परीक्षार्थी शामिल हैं।

इस बार भी शासन व बोर्ड प्रशासन ने नकल रोकने के लिए प्रभावी इंतजाम किए हैं। सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों के साथ अभिभावकों का जमावड़ा था। यूपी बोर्ड की परीक्षा 18 फरवरी से शुरू होकर छह मार्च तक चलेंगी।

परीक्षा की तैयारी परखने उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के साथ माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी तथा प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा अराधना शुक्ला के साथ शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने लखनऊ के कई परीक्षा केंद्रों का दौरा भी किया।

यूपी बोर्ड पहली बार परीक्षा केंद्रों की ऑनलाइन निगरानी हाईटेक तरीके से होगी। 395 अति संवेदनशील व 938 संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर खास नजर रहेगी।

ऐसे केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात हैं। हाईस्कूल की परीक्षा 12 दिन (तीन मार्च तक) तो इंटर का इम्तिहान 15 दिन तक चलेगा। दोनों परीक्षाओं की अवधि इस बार घटी है, क्योंकि पिछले वर्षों में हाईस्कूल 14 दिन व इंटर की परीक्षा 16 दिन चलती रही हैं।

हिंदी के प्रश्नपत्र से परीक्षा शुरू

यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की शुरुआत हिंदी  के प्रश्नपत्र से हो रही है। आज हाईस्कूल में सुबह की पाली में प्रारंभिक हिंदी  की परीक्षा होगी तो दूसरी पाली में इंटर की सामान्य हिंदी की परीक्षा होगी।

अनिवार्य विषय होने से दोनों में सभी परीक्षार्थी शिरकत करेंगे। सुबह की पाली आठ बजे से व दूसरी पाली अपरान्ह दो बजे से है। परीक्षार्थी तय समय से पहले पहुंचे।

 

7786 परीक्षा केंद्र सुविधाओं से लैस

प्रदेश के सभी 7786 परीक्षा केंद्रों को सुविधाओं से लैस किया गया है। परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे, वॉयस रिकॉर्डर, हाईस्पीड ब्राडबैंड व डीवीडी राउटर भी लगवाए गए हैं। इंटरनेट के माध्यम से वेब कॉस्टिंग के जरिए केंद्रों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी।

इसमें परीक्षा केंद्र की आइडी व पासवर्ड डालकर हर कमरे का हाल जाना जा सकता है। इसके लिए प्रदेश मुख्यालय व जिला मुख्यालयों पर कंट्रोल रूम बनाया गया है। वहीं से पल-पल से निगरानी होगी। इसमें संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्र निशाने पर रहेंगे।

 

दो हेल्पलाइन नंबर और एक ट्विटर अकाउंट

यूपी बोर्ड ने पहली बार दो हेल्पलाइन नंबर और एक ट्विटर अकाउंट जारी किया है। नकल रोकने के लिए आंसर शीट चार कलर में तैयार कराई गई हैं। कई जिलों में सिलाई वाली आंसर शीट भी भेजी गई हैं। परीक्षार्थियों की किसी भी किस्म की समस्या को तुरंत हल करने के लिए यूपी बोर्ड ने @upboardexam2020 हैंडल से ट्विटर अकाउंट बनाया है।

इसके अलावा परीक्षार्थी #upboardexam2020 हैशटैग यूज करके अपनी परेशानी बता सकते हैं। बोर्ड अधिकारी सोशल मीडिया पर नजर बनाए रखेंगे और समस्याओं के त्वरित समाधान की कोशिश करेंगे। इसके अलावा दो हेल्पलाइन नंबर 1800-180-5310 और 1800-180-5312 भी जारी किए गए हैं।

चार हजार परीक्षार्थी पहले ही बाहर

बोर्ड प्रशासन की ओर से सभी जिलों में उत्तर पुस्तिका, प्रश्नपत्र व प्रवेशपत्र मुहैया कराया जा चुका है। 433 कालेजों को पहले ही डिबार किया गया है। वहीं, क्षेत्रीय कार्यालयों में अनर्ह परीक्षार्थियों की सूची भी तैयार हो गई है, मेरठ व बरेली क्षेत्रीय कार्यालय ने करीब चार हजार परीक्षार्थियों को बाहर किया है। वहीं, हर जिले में शिक्षा विभाग के अफसरों को पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया है।

 

परीक्षार्थी यह साथ लाएं

परीक्षार्थियों को बोर्ड की ओर से जारी प्रवेश पत्र, हाईस्कूल के छात्रों को कक्षा-9 का रजिस्ट्रेशन कार्ड व इंटर के परीक्षार्थी कक्षा-11 का रजिस्ट्रेशन कार्ड अनिवार्य रूप से लाएं। इसके अलावा वह आधारकार्ड या सरकार की ओर से जारी अन्य कोई पहचान पत्र अपने साथ लाएं।

वहीं, पारदर्शी ज्योमेट्री बाक्स तथा पानी की बोतल भी अपने साथ परीक्षा कक्ष में ला सकते हैं। जबकि परीक्षा केंद्र पर किसी प्रकार की अध्ययन सामग्री, मोबाइल, हेडफोन, कैलकुलेटर, स्मार्ट वाच, बैग तथा परीक्षा को प्रभावित करने वाले अन्य इलेक्ट्रानिक यंत्र लाने की अनुमति नहीं है।

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