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नेपाल में आइसोलेशन सेंटर के खिलाफ प्रदर्शन

नई दिल्ली,  नेपाल ने चीन के वुहान शहर से अपने लोगों को वापस लाकर भक्तरपुर प्रांत में रखने की बात कही है। इसके बाद से यहां स्थानिय लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि आइसोलेशन सेंटर बस्तियों के करीब है।

इस कारण वे भी इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं।  बता दें कि चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बुधवार को 1,110 हो गई। 44,200 लोग इस वायरस से संक्रमित हैं।

जापानी क्रूज पर 39 नए मामलों की पुष्टि

जापान के योकोहामा तट पर खड़े डायमंड प्रिंसेस क्रूज पर 39 नए मामलों की पुष्टि हुई है। जापान के स्वास्थ्य मंत्री कतसुनोबू काटो ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार क्रूज पर इसके 174 मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि 53 में से 39 मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से चार लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने साथ ही कहा कि वहां तैनात कुछ अधिकारी भी इससे संक्रमित हो गए हैं।

सिंगापुर में 45 मामले सामने आए

कोरोना वायरस के प्रकोप पर चिंता व्यक्त करते हुए, दक्षिण कोरिया और इजराइल ने अपने नागरिकों को सिंगापुर की यात्रा न करने की सलाह दी है, जहां 10 फरवरी को घातक वायरस के पहले मामले की पुष्टि हुई थी। यहां अभी-तक 45 मामले सामने आए हैं।

कई देशों ने जारी की एडवाइजरी

सीएनए ने बताया कि इंडोनेशिया और ताइवान ने अपने लोगों को सिंगापुर का दौरा करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है, जबकि कुवैत और कतर ने भी यात्रा सलाह जारी की है। दोनों देशों ने नागरिकों को महामारी के मद्देनजर देश में गैर-जरूरी यात्रा स्थगित करने का आग्रह किया है।

हांगकांग में  49 मामले सामने आए

समाचार एजेंसी पीटीआइ के अनुसार चीन के स्वास्थ्य आयोग ने कहा कि 8,204 मरीज गंभीर स्थिति में है और 16,067 लोगों को वायरस से संक्रमित होने का संदेह है। कुल 4,740 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। मंगलवार के अंत तक, हांगकांग में एक मौत सहित 49 मामले सामने आए हैं, मकाऊ में 10 और ताइवान में 18 मामले दर्ज किए गए हैं।

वायरस को ‘COVID-19’ नाम दिया गया

समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार मंगलवार को 94 लोगों की हुबेई प्रांत में मौत हुई। जबकि, 1,638 नए मामले सामने आए हैं। बता दें कि हुबेई से ही यह वायरस दिसंबर में फैला था। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा आयोजित जिनेवा में एक सम्मेलन में आधिकारिक तौर पर वायरस को ‘COVID-19’ नाम दिया गया था।

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