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नेता प्रतिपक्ष सरकार पर साधा निशाना

हल्द्वानी: नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने रविवार को कहा कि केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार की नीतियां अनुसूचित जाति व जनजाति के खिलाफ है। कहा कि अंबे्रला स्कीम के तहत इस वर्ग के बच्चों को छात्रवृत्ति व आर्थिक सहायता दी जाती थी, पर मौजूदा सरकार ने बजट में तीस प्रतिशत कटौती कर बता दिया है कि उसे इस वर्ग की कोई चिंता नहीं। केंद्र में सरकारी नौकरियों में बैकलॉग 31 प्रतिशत तक पहुंचने के बावजूद इन्हें नहीं भरा जाना चिंताजनक है। इंदिरा ने कहा कि एससी-एसटी के अधिकार व हितों को लेकर कांग्रेस संघर्ष करेगी।

 

जनता ने तीन राज्यों में भाजपा को नकारा

 

नैनीताल रोड स्थित होटल पर प्रेसवार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मोदी सरकार लगातार शोषित वर्ग की भावना से खिलवाड़ कर रही है। अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार अधिनियम को कमजोर कर पहले राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में लागू कराया गया। नाराज जनता ने तीनों राज्यों में भाजपा को नकार कर कांग्रेस को सत्ता सौंप दी। इंदिरा ने कहा कि भाजपा के पूर्व सांसद उदित राज, सावित्री बाई फुले और अशोक कुमार दोहरे ने जब केंद्र को पत्र लिखकर एससी-एसटी के प्रति होने वाले व्यवहार पर नाराजगी जताई तो उन्हें अनसुना कर दिया गया।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उत्तराखंड में बैकलॉग मामले को लेकर एनडी तिवारी व हरीश रावत सरकार ने जोर दिया था, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार ने कुछ नहीं किया। वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल, महानगर अध्यक्ष राहुल छिम्वाल, बार एसोसिएशन हल्द्वानी अध्यक्ष गोविंद बिष्ट, पूर्व पालिकाध्यक्ष गोविंद बगड़वाल मौजूद रहे।

प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस में सबकुछ सही चलने के सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने कमेंट करने से साफ मना कर दिया। बता दें कि बीते दिनों पीसीसी की लिस्ट जारी होने के बाद उत्तराखंड कांग्रेस में बवाल मच गया था। धारचूला विधायक हरीश धामी ने बागी रुख अख्तियार कर लिया था। जिसके बाद पार्टी में भी विरोध के स्वर खूब उठे।

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