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देहरादून के 33 फीसद राशन डीलर कॉमन सर्विस सेंटर की कतार में

देहरादून,  कम मुनाफे से परेशान राशन डीलर अब अपनी राशन की दुकान को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में तब्दील करने की ओर रुख कर रहे हैं। जिले के 33 फीसद से ज्यादा राशन डीलर इसके लिए आवेदन कर चुके हैं।

राशन की दुकानों को सीएससी में तब्दील करने की पहल खुद राज्य सरकार ने की थी। उद्देश्य यह है कि लोगों को प्रमाण पत्रों के लिए भटकना न पड़े और राशन डीलरों की भी आय बढ़े।

 

मौजूदा समय में देहरादून में 1049 सस्ते गल्ले की दुकानें हैं। इनमें से 150 दुकानें पहले ही सीएससी के तौर पर काम कर रही हैं। बाकी बची 899 दुकानों में से 300 यानि 33 फीसद दुकानों के संचालकों ने भी सीएससी बनने के लिए आवेदन कर दिया है।

जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी ने बताया कि प्रदेश में सस्ता गल्ला विक्रेताओं को डिजिटलाइज करने और उनकी आय बढ़ाने के लिए यह योजना शुरू की गई है। इससे राशन उपभोक्ताओं को भी प्रमाण पत्र बनवाने में सहूलियत मिलेगी। साथ ही राशन वितरण को भी ऑनलाइन करने में मदद मिल रही है।सीएससी से हो रही अच्छी कमाई

 

फिलहाल सस्ता गल्ला विक्रेताओं को सरकार की ओर से लैपटॉप, बायोमैट्रिक मशीन और इंटरनेट के लिए पैसे दिए जा रहे हैं। इन्हीं सुविधाओं की आवश्यकता सीएससी के लिए भी होती है।

ऐसे में राशन की दुकान के साथ सीएससी शुरू कर चुके राशन डीलर अब अच्छी कमाई कर रहे हैं। जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत कंडारी ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र के ज्यादा से ज्यादा राशन डीलरों को इस योजना से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

 

इंटरनेट का पैसा रिलीज होने की उम्मीद

 

लगभग एक साल से राशन डीलरों को इंटरनेट के लिए पैसा नहीं मिला है। डीलर कई बार इसका भुगतान करने की मांग कर चुके हैं। अब जाकर सीएससी मुख्यालय ने प्रस्ताव बनाकर जिला पूर्ति विभाग को भेजा है।

राशन डीलरों को इंटरनेट के लिए हर माह सौ रुपये दिए जाने का प्रावधान है। उधर, इंटरनेट डोंगल खराब होने की शिकायत के बाद सीएससी मुख्यालय ने डीलरों से डोंगल वापस लेना शुरू कर दिया है। अब डीलरों को अपने मोबाइल से ही लैपटॉप पर इंटरनेट चलाना होगा।

गल्ला परिषद लौटाएगी लैपटॉप

 

सस्ता गल्ला विक्रेता परिषद जिला पूर्ति विभाग की ओर से विक्रेताओं को दिए गए लैपटॉप वापस लौटाने की तैयारी कर रही है। परिषद के अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता ने कहा कि ज्यादातर राशन विक्रेताओं को तकनीकी की समझ न होने के कारण बायोमैट्रिक सिस्टम से राशन वितरित करने में समस्या हो रही है।

उन्होंने बायोमैट्रिक सिस्टम लागू करने के लिए कंप्यूटर का ज्ञान रखने वाले सहायकों की नियुक्ति और उन्हें नियमित वेतन देने के साथ दुकान के रखरखाव के लिए भी बजट जारी करने की मांग की। कहा कि ऐसा नहीं होने पर एसोसिएशन विभाग को लैपटॉप वापस लौटा देगी।

 

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