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टनकपुर में वर्कशॉप के समीप तो बनबसा में महेंद्रनगर रोड पर बनेगा बस अड्डा

चम्पावत : टनकपुर और बनबसा में रोडवेज बस अड्डे के विस्तारीकरण का काम शीघ्र शुरू हो जाएगा। परिवहन निगम ने टनकपुर वर्कशॉप के समीप जल निगम की भूमि पर और बनबसा में महेंद्र नगर रोड के समीप भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई पूरी कर राजस्व विभाग द्वारा जारी नो ऑब्जेक्शन की फाइल जिलाधिकारी को भेज दी है।

डीएम से हरी झडी मिलने के बाद प्रस्ताव वित्तीय स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया जाएगा। मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल होने से इस प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति पहले ही मिल चुकी है।

 

जगह की कमी के चलते टनकपुर और बनबसा बस अड्डे में बसों को खड़ा करना काफी मुश्किल हो रहा है। टनकपुर बस अड्डे में एक साथ 10 बसें बमुश्किल खड़ी हो पा रही हैं।

यहां बस अड्डे के मुख्य गेट के पास से ही आवासीय मकान और दुकानें होने से जगह संकरी होने के कारण बसों को अड्डे में ले जाना और बसें भरने के बाद गेट से निकालने में चालकों के पसीने छूट जाते हैं।

आए दिन मुख्य गेट के पास जाम लगान आम बात हो गई है। बनबसा की बात करें तो यहां अभी तक रोडवेज का स्थाई बस अड्डा था ही नहीं। सड़क किनारे यात्रियों को भरने और उतारने के लिए बसें खड़ी की जाती हैं। दोनों नगरों में रोडवेज के बस अड्डों के चौड़ीकरण अथवा उन्हें शिफ्ट करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी।

दो साल पूर्व कुमाऊं कमिश्नर राजीव रौतेला ने बस अड्डों का निरीक्षण कर आरएम रोडवेज को टनकपुर बस अड्डे को वर्कशॉप में शिफ्ट करने और बनबसा बस अड्डे के निर्माण के लिए भूमि का चयन करने के निर्देश दिए थे।

टनकपुर में व्यापारियों के विरोध को देखते हुए बस अड्डा वर्कशॉप में शिफ्ट करने की योजना धरी रह गई थी। बाद में दोनों बस अड्डों के चौड़ीकरण का काम मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल किया गया।

मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल होने के बाद इस काम में तेजी आई और अब रोडवेज ने दोनों बस अड्डों के चौ ड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार कर उसे स्वीकृति के लिए डीएम को भेज दिया है।

एआरएम लोहाघाट राजेंद्र कुमार फाइल लेकर डीएम दफ्तर पहुंचे। उन्होंने बताया कि फाइल जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। हस्ताक्षर के बाद उसे आरएम टनकपुर को भेजा जाएगा।

टनकपुर और बनबसा बस अड्डों के विस्तारीकरण की योजना तैयार कर ली गई है। भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई होने के बाद राजस्व विभाग का नो ऑबजेक्शन प्रमाण पत्र संलग्न कर जिलाधिकारी को भेज दिया गया है। डीएम की स्वीकृति के बाद दोनों बस अड्डों की डीपीआर तैयार कर उसे वित्त्तीय स्वीकृति के लिए शासन को भेजा जाएगा।

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