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जमीन न मिलने पर वापस होगा बीएडीपी का पैसा

चम्पावत : बीएडीपी योजना के तहत प्रस्तावित कई योजनाओं में जमीन न मिल पाने के कारण उस मद में रखी धनराशि वापस होगी। फिर भी अधिकारियों से कहा कि वह एक बार और मौका मुआयना कर जमीन तलाशने की कोशिश करें।

वहीं वित्तीय वर्ष 2018-19 में मिली धनराशि को फरवरी अंत तक खर्च करें। यह निर्देश शुक्रवार को विकास भवन में बीएडीपी योजनाओं के कार्यो की समीक्षा करते सीडीओ टीएस मर्तोलिया ने दिए।

 

सीडीओ मर्तोलिया ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में बीएडीपी के तहत 786 लाख रुपये मिले थे। जिसमें से 625 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। वर्ष में रखी 93 योजनाओं में 50 योजनाएं पूर्ण तो 43 योजनाओं में कार्य प्रगति पर है। कुल 80 फीसद कार्य हुआ है।

उन्होंने संबंधित विभागों को फरवरी अंत तक कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए हैं। वहीं सीडीओ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में 602 लाख के सापेक्ष 542 लाख कार्यदायी संस्थाओं को दे दिए गए हैं।

जिसमें कार्यदायी संस्थाओं द्वारा टेंडर की कार्यवाही की जा रही है। इस वर्ष 57 योजनाएं रखी गई है। समीक्षा के दौरान सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि चंदनी व आमबाग में बनने वाले उपकेंद्र के लिए जमीन नहीं मिल पा रही है। वह स्वयं इसका निरीक्षण कर चुके हैं।

इस पर सीडीओ ने कहा कि एक बार पुन: आसपास जमीन तलाशने का प्रयास करें, अगर जमीन नहीं मिलती तो बजट वापस किया जाएगा। विभाग योजनाएं रखने से पूर्व यह सुनिश्चित कर लें कि योजना में रखे जा रहे प्रस्ताव में जमीन आदि की धरातल पर मौजूदगी है या नहीं।

साथ ही योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर रखें। बाद में यह बात सामने आने पर संबंधित विभाग के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उद्यान विभाग अधिकारी एनके आर्य ने बताया कि बीएडीपी के तहत मिली धनराशि का वह पूर्ण उपयोग कर चुके हैं, लेकिन बाद में ब्लॉक से ट्रंासफर होकर आई 15 लाख की धनराशि अभी नहीं खर्च हुई है। योजनाओं के लिए लाभार्थियों का चयन किया जा रहा है।

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