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छात्रों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने को किया प्रेरित

रुड़की: केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआइ) रुड़की में जिज्ञासा विद्यार्थी-वैज्ञानिक संयोजन कार्यक्रम के तहत छात्रों को जीवन के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही संस्थान की उपलब्धियों को दर्शाती विज्ञान फिल्म (लघु चलचित्र) भी दिखाई गई।

सीबीआरआई में थॉमस एल्वा एडिसन के जन्मदिवस पर आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सुवीर सिंह ने इमारतों में अग्नि जोखिम न्यूनीकरण विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने अग्नि आपदा के दौरान अग्नि प्रसार के पूरे प्रक्रम को लघु चलचित्रों की सहायता से समझाया। साथ ही भवनों में अग्नि आपदा नियोजन के लिए निर्माण प्रक्रिया के दौरान वास्तुकार, संरचनात्मक इंजीनियर, मैकेनिकल इंजीनियर तथा सिविल इंजीनियर की भूमिका के विषय में बताया।

वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एलपी सिंह ने अभिनव भवन निर्माण सामग्री विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए प्राचीन निर्माण सामग्री जैसे-चूना, बजरी, पत्थर आदि और वर्तमान में उपयुक्त सीमेंट, जियोपोलीमर कंक्रीट, सेल्फ-हीलिग कंक्रीट, फ्लाई ऐश ईंट के साथ भविष्य की अपेक्षित निर्माण सामग्रियों, जैसे-एरोजेल, पावर ग्लास, पॉलीवोल्टेक तकनीक आदि के बारे में जानकारी दी।

वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक एवं जिज्ञासा कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अतुल कुमार अग्रवाल ने ‘एडिसन हो या क्यूरी- विज्ञान है सबके लिए जरूरी’ विषय पर व्याख्यान दिया। कहा कि विज्ञान में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं है। उचित परिश्रम और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कोई भी छात्र-छात्रा थॉमस एल्वा एडिसन या मैडम मेरी क्यूरी जैसे महान वैज्ञानिक बन सकते हैं।

बताया कि मैडम मेरी क्यूरी विश्व के उन चार महान बुद्धिजीवियों में से एक हैं, जिन्हें दो बार नोबल पुरस्कार मिला है। कार्यक्रम में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय शिकारपुर, लंढौरा और हरिद्वार के विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के साथ प्रतिभाग किया। इस अवसर पर डॉ. अशोक कुमार, अनिल कुमार, दिलशाद, पलक गोयल आदि मौजूद रहे।

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