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छात्रवृत्ति घोटाले में 7 कॉलेजों पर मुकदमा

करोड़ों रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में सात कॉलेज संचालकों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इन पर करीब सात करोड़ हड़पने का आरोप है। इनमें छह कॉलेज सहारनपुर और मेरठ के हैं, जबकि एक कॉलेज देहरादून का भी है।

एसपी (एसआईटी) टीसी मंजूनाथ के अनुसार, डालनवाला कोतवाली में छह कॉलेजों-शाकुंभरी पैरामेडिकल कॉलेज रिसर्च सेंटर बादशाहीबाग सहारनपुर, मिलेनियम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी रुड़की-देहरादून नेशनल हाईवे-72 बिहारीगढ़ सहारनपुर, कृष्णा प्राइवेट आईटीआई कमालपुर सहारनपुर, कमलेश पैरामेडिकल प्राइवेट आईटीआई कमालपुर छुटमलपुर मुजफ्फराबाद बेहट सहारनपुर, यूपी कॉलेज ऑफ पॉलीटेक्निक कमालपुर सहारनपुर, श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एनएच-58 दिल्ली रुड़की बाईपास रोड सरधना (मेरठ) के संचालकों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है।

दूसरी ओर, एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि एसआईटी ने वसंत विहार पुलिस थाने में लैंडमार्क इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी वसंत विहार पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है।

 

धोखाधड़ी

छात्रों के बैंक खातों में एक ही मोबाइल नंबर का इस्तेमाल

एसपी-एसआईटी मंजूनाथ ने बताया, 2013-14 में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने शाकुंभरी पैरामेडिकल कॉलेज रिसर्च सेंटर बादशाहीबाग को 44,25,060 की धनराशि छात्रवृत्ति के रूप में दी।

मगर जांच में 21 में से 19 छात्रों ने यहां दाखिले से मना किया। दो छात्रों ने दाखिला माना, लेकिन पढ़ा नहीं। मिलेनियम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बिहारीगढ़ यूपी को भी वर्ष 2012-13 से 2014-15 के बीच 1,69,54,325 की छात्रवृत्ति दी गई। यहां जांच में पाया गया कि छात्रों के खातों में एक मोबाइल नंबर का प्रयोग हुआ।

परीक्षा देने का कोई भी प्रमाण नहीं दे पाए छात्र

एसआईटी के अनुसार, कृष्णा प्राइवेट आईटीआई को 2013 में 1,23,94,800 और कमलेश पैरामेडिकल प्राइवेट आईटीआई को 2013 में 91,68,000 रुपये की छात्रवृत्ति मिली। मगर जांच में पता चला कि यहां फर्जी छात्रों का प्रवेश दर्शाया गया।

छात्रों के खातों में इस्तेमाल मोबाइल नंबर का प्रयोग भी दूसरे संस्थानों के छात्रों के खातों में पाया गया। संस्थान से कुछ लोग छात्रों के घर भी आए और कुछ धनराशि देकर कहा कि यह उनकी छात्रवृति है। हालांकि, छात्र संस्थान

में परीक्षा देने का प्रमाण पत्र नहीं दिखा सके।

 

विकासनगर की 12 ग्राम पंचायतों के फर्जी छात्र दर्शाए

एसआईटी ने बताया कि 2014 में यूपी कॉलेज ऑफ पॉलीटेक्निक को 68,55,530 की धनराशि छात्रवृत्ति के रूप में मिली। एसआईटी जांच में छात्रों ने इस संस्थान में दाखिले से इनकार किया।

मूल पतों पर जाने से पता चला कि विकासनगर की बारह ग्राम पंचायतों के फर्जी छात्र दर्शाए गए। वहीं, श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एनएच-58 सरधना मेरठ को 1,45,80,700 की छात्रवृत्ति दी गई। इस कॉलेज में दर्शाए गए कुछ छात्रों ने बताया कि संस्थान के लोगों ने उनका दाखिला कराया था। छात्रों को उनके नाम पर बांटी गई छात्रवृत्ति की कोई जानकारी नहीं थी।

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