राष्ट्रीय

चीन में खतरनाक वायरस से अबतक 636 लोगों की मौत

नई दिल्ली, चीन में कोरोना वायरस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि चीन के कोरोनोवायरस महामारी में मरने वालों की संख्या 636 हो गई, चीन में अबतक कुल 31 हज़ार से अधिक मामले सामने आए हैं। इससे पहले गुरुवार को एक दिन में 73 लोगों की मौत हुई थी।

 

कोरोना वायरस के प्रकोप में चल रहे चीन से अपने लोगों को बचाने के लिए दो और विमानों को अमेरिका ने चीन के वुहान भेजा है। अमेरिका लगातार वुहान से अपने लोगों को निकालने की कोशिश कर रहा है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, पूरे चीन में बुधवार को 3,694 नए मामलों की पुष्टि हुई। इनमें से 2987 मामले अकेले मध्य चीन के हुबेई प्रांत में सामने आए। 73 में से 70 मौतें भी इसी प्रांत में हुईं।

हुबेई की राजधानी वुहान से ही चीन समेत दुनिया के 31 देशों में यह वायरस फैल चुका है। वायरस के प्रसार पर रोक लगाने के लिए दो दर्जन से ज्यादा विदेशी एयरलाइंस ने चीन के लिए अपनी उड़ानें बंद या सीमित कर दी हैं। कई देशों ने चीन से लगती अपनी सीमाएं भी सील कर दी हैं।

 

चीन में 19 विदेशी भी पीड़ित

 

चीन के विदेश मंत्रलय ने बताया कि देश में रह रहे 19 विदेशी नागरिक भी कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं। मंत्रलय ने हालांकि पीड़ितों की नागरिकता के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। इससे पहले चीन में चार पाकिस्तानी और दो ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के संक्रमित होने की खबर आई थी।

 

जेनेवा में जमा होंगे विशेषज्ञ

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि वायरस की रोकथाम के लिए जेनेवा में 11 और 12 फरवरी को सैकड़ों विशेषज्ञ जमा होंगे। इस दो दिनी सम्मेलन के दौरान दवाओं और वैक्सीन के विकास में तेजी लाने पर चर्चा होगी। डब्ल्यूएचओ की अगुआई में कई देशों के विशेषज्ञों का एक दल चीन का भी दौरा करेगा।

 

वुहान से लाए गए सभी भारतीयों के टेस्ट निगेटिव

 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रलय ने बताया है कि वुहान से दो विमानों के जरिये लाया गया कोई भी भारतीय नागरिक कोरोना वायरस से पीड़ित नहीं मिला है। उन सभी के टेस्ट निगेटिव आए हैं।

उन्हें दिल्ली के आसपास स्थित सेना और आइटीबीपी द्वारा स्थापित अलग कक्षों में रखा गया था। मालूम हो कि भारत में अभी तक कोरोना वायरस से पीड़ित तीन मरीज मिले हैं। तीनों ही केरल के हैं और वुहान यूनिवर्सिटी में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं। वह खुद ही स्वदेश लौटे थे और अस्पताल भी पहुंचे थे।