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घायल को कुर्सी में बिठा बर्फीले रास्ते पर 12 किमी पैदल चले ग्रामीण

चमोली, उत्तराखंड में मौसम तो जिंदगी की परीक्षा ले ही रहा है, लेकिन सिस्टम की उपेक्षा इस दर्द को और बढ़ा रही है। चमोली जिले के किमाणा गांव में महिला चारा पत्ती काटते फिसलने से गिर गई।

घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए ग्रामीणों को 12 किलोमीटर का सफर पैदल ही बर्फीले रास्ते पर तय करना पड़ा। इसके बाद उसे वाहन से 40 किलोमीटर दूर गोपेश्वर स्थित जिला मुख्यालय पहुंचाया गया।

जहां उसका उपचार चल रहा है। आलम यह है कि इस गांव के लिए 10 साल पहले सड़क स्वीकृत हुई थी, लेकिन अब तक सिर्फ रोड कटिंग का काम ही हो पाया है।

 

जोशीमठ विकासखंड के किमाणा गांव की दूरी सड़क से 12 किलोमीटर है। रविवार को गांव की गायत्री देवी जंगल में चारा पत्ती काटने गई थीं।

इस दौरान पैर फिसलने से वह गिर गईं। किसी तरह रात बिताने के बाद ग्रामीण सोमवार सुबह घायल को कुर्सी पर बिठा रवाना हुए। छह घंटे के बाद वह लंगसी नाम के स्थान पर पहुंचे।

यहां वाहन बुक कर घायल को अस्पताल लाया गया। महिला के साथ अस्पताल आए किमाणा के रहने वाले प्रदीप भंडारी ने बताया कि बर्फबारी के कारण पैदल मार्ग जानलेवा बना हुआ है।

जोशीमठ की उर्गम घाटी के इस गांव के लिए सड़क स्वीकृत है, लेकिन दस साल बाद भी इस पर काम शुरू नहीं हो पाया है। लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता बुद्धिराम भट्ट ने बताया कि उनके विभाग के पास तीन किमी सड़क है, कटिंग का कार्य पूरा कर दिया गया है। अब चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है।

एडीबी पीएमजेएसवाई के अधिशासी अभियंता दीपक कुमार का कहना है कि तीन किलोमीटर से आगे की सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत किया जाना है। इसके लिए निविदाएं आमंत्रित की गई है। जल्द ही सड़क पर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

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