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ग्रामीणों ने दो लाख जमाकर घायल युवक को हेलीकाप्टर से पहुंचाया अस्पताल

चमोली,शहर में भले ही सामाजिक सरोकार खत्म हो रहे हों, लेकिन गांवों में अभी भी लोग मदद को तैयार रहते हैं। ऐसा ही एक मामला चमोली जिले में सामने आया, जब घाट उस्तोली में गंभीर रूप से घायल एक युवक को सरकारी मदद न मिलने पर ग्रामीणों ने अपने खर्च पर हेलीकाप्टर से ऋषिकेश एम्स भिजवाया।

 

26 वर्षीय प्रदीप सिंह रावत निवासी घाट उस्तोली रात को घाट बाजार से खाना खाने के बाद अपने कमरे पर सोने जा रहा था। अचानक वह सीढ़ी से गिर गया। गंभीर चोट लगने के कारण वह उठ नहीं पाया और रातभर वहीं पड़ा रहा। सुबह जब लोग इधर-उधर जाने लगे तो तब किसी ने उसे देखा तो उस्तोली के प्रधान महावीर सिंह रावत व पूर्व प्रधान मनोज रावत को जानकारी दी।

इस पर स्वजनों ने उसे सीएचसी घाट में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर रेफर कर दिया। दोपहर में जब वह गोपेश्वर पहुंचे तो यहां भी चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी।

स्वजनों ने शासन-प्रशासन व विधायकों से हेलीकाप्टर की मांग की, लेकिन कहीं से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। बाद में परिजनों के स्वयं का खर्चा उठाने की बात करने के बाद चमोली प्रशासन ने देहरादून से हेलीकॉप्टर बुलाकर घायल को देहरादून भिजवाया।

उस्तोली निवासी कैलाश सिंह व महावीर सिंह का कहना है कि घायल को देहरादून ले जाने के लिए उनकी ओर से शासन-प्रशासन से लेकर सरकार तक गुहार लगाई गई, लेकिन सभी ने हामी तो भरी, मगर किसी ने भी हेलीकॉप्टर को नहीं मंगाया और न ही भेजा गया।

 

बाद में ग्रामीणों व स्वजनों ने आपसी सहयोग से दो लाख रुपये में हेलीकॉप्टर मंगाकर घायल को देहरादून भिजवाया। हेलीकाप्टर गोपेश्वर पहुंचने के बाद जब ग्रामीणों ने पायलेट को चेक दिया तो पहले तो पायलेट ने चेक लेने से मना किया, मगर घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसने चेक ले लिया।

 

स्वाति एस. भदौरिया (जिलाधिकारी चमोली) का कहना है कि एयर एंबुलेंस आपदा, गर्भवती महिलाओं सहित बड़ी दुर्घटना के दौरान एनएचएम मद से उपलब्ध होती है। प्रशासन ने शासन को पत्र लिखकर अन्य मामलों में हेली सेवा की दरें निर्धारण करने के लिए अनुरोध किया गया है।

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