देश/प्रदेश

गांव के विकास के लिए सकारात्मक सोच जरूरी

रुद्रप्रयाग: पंचायती राज विभाग के तत्वाधान में नव निर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण में डीएम ने जनप्रतिनिधियों को गांव के विकास का पाठ पढ़ाकर सभी को विकास के लिए सकारात्मक सोच के साथ आगे आने की जरूरत बताई।

प्रशिक्षण में ब्लॉक के 64 प्रधान, 15 क्षेत्र पंचायत सदस्यों के अलावा मनरेगा सहायक, ग्राम विकास अधिकारियों ने ने प्रतिभाग किया।

ब्लाक सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में डीएम मंगेश घिल्डियाल ने प्रधानों को ग्राम विकास का माडल समझाते हुए कहा कि योजनाओं को धरातल पर उतारने में प्रधानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

उन्हें अपने गांव के विकास के लिए सकारात्मक सोच के साथ आगे आना होगा। खुली बैठक में पारदर्शी तरीके से बजट को रख कर योजनाओं का चयन किया जाए। ग्राम विकास के लिए जरूरी है कि मनरेगा के बारे में पूरी जानकारी हो।

इसके लिए प्रधानों को मनरेगा के अन्तर्गत गांव में होने वाले कार्यों की लिमिट का ज्ञान होना आवश्यक है। जिसमें 60:40 के अनुपात में मजदूरी एवं सामग्री पर व्यय किया जाना आवश्यक है। मनरेगा के अन्तर्गत कुल 260 प्रकार के कार्यों को किया जा सकता है। कहा कि स्कूल एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों को उत्कृष्ट बनाने पर पर विशेष ध्यान दें।

उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी प्रेरित करने का आह्वान किया। मुख्य विकास अधिकारी एसएस चौहान ने सरकार से चलाई जा रही विभिन्न विकास एवं जनहितकारी योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।

प्रशिक्षण में जिला विकास अधिकारी मनवेन्द्र कौर, सहायक विकास अधिकारी रमेश कुमार, खंड विकास अधिकारी सीपी सेमवाल, एडीपीआरओ बुद्धिपाल रावत, एडीओ उद्यान दिग्पाल नेगी आदि थे। संचालन किशन रावत ने किया।

विशेष