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कूड़ा निस्तारण मामले में हाई कोर्ट सख्त

नैनीताल: खटीमा के जामोर गांव के तालाब में बनाए जा रहे ट्रंचिंग ग्राउंड के मामले में नैनीताल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने सख्त रुख अपनाया है.

हाई कोर्ट ने जिलाधिकारी और खटीमा नगर पालिका को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने के आदेश दिए हैं. साथ ही तालाब में बने ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने पर रोक लगा दी है.

बता दें, जामोर गांव के ग्राम प्रधान शमीम अख्तर ने नैनीताल हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा है कि ग्रामसभा भक्त चोरी में सरकारी भूमि पर तालाब बना है.

जिसमें डीएम और नगर पालिका द्वारा कूड़ा निस्तारण करवाया जा रहा है. साथ ही प्रशासन द्वारा जिस स्थान पर कूड़ा निस्तारण करा जा रहा है वो गांव के बीचो बीच है और उस स्थान पर तीन गवर्नमेंट इंटर कॉलेज, एक प्राइमरी पाठशाला और 500 मीटर में मंदिर और मस्जिद समेत राइस मिल और गत्ता फैक्ट्री हैं.

इस क्षेत्र में हो रहे कूड़ा निस्तारण से गांव में काफी प्रदूषण फैल रहा है. गांव में बीमारी फैल रही है. लिहाजा, इस ट्रंचिंग ग्राउंड को बनने से रोका जाए और कूड़ा निस्तारण पर रोक लगाई जाए.

शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए नैनीताल हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन और न्यायाधीश आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने गांव के तालाब में कूड़ा निस्तारण पर रोक लगा दी है. साथ ही डीएम और नगर पालिका खटीमा को 2 सप्ताह के भीतर अपना विस्तृत जवाब कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं. मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 नवंबर की तिथि तय की है.

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