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कुमाऊं विवि की फर्जी डिग्री लेने के मामले में महाराष्‍ट्र की छात्रा गिरफ्तार

नैनीताल, कुमाऊं विवि के बहुचर्चित फर्जी डिग्री मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रकरण में शामिल एक छात्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

महिला को न्यायालय में पेशी के बाद 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।  दिसंबर 2018 से जनवरी 2019 तक कुमाऊं विवि में देश और विदेश के शिक्षण संस्थाओं से करीब 50 डिग्रियां और मार्कशीट सत्यापन के लिए डाक द्वारा भेजी गई थीं।

जांच के दौरान सभी डिग्रियां व दस्तावेज फर्जी पाए गए थे। सामने आया था कि उक्त डिग्रियों और दस्तावेजों का प्रयोग कनाडा, दिल्ली, मुंबई और ब्रिटिश उच्चायोग में लाभ लेने के लिए किया गया था।

फर्जी डिग्रियों का मामला विवि प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद कुलसचिव महेश कुमार द्वारा मल्लीताल कोतवाली में तहरीर दी थी। पुलिस ने आइपीसी की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत 18 के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी थी।

 

सरेंडर की खबर पर पुलिस ने हिरासत में लिया

 

जांच में पुलिस को मुंबई के एक शिक्षण संस्थान में फर्जी डिग्री का प्रयोग कर बीएड में प्रवेश लेने वाली छात्रा का सुराग लगा था। जिसके बाद पुलिस द्वारा छात्रा से संपर्क किया जा रहा था।

गुरुवार को महाराष्ट्र निवासी छात्रा आत्मसमर्पण के लिए कोर्ट जा रही थी तो भनक लगने पर पुलिस उसे गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद छात्रा को न्यायालय में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

 

बीएड में प्रवेश को कम नंबर पर बना ली फर्जी मार्कशीट

 

कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने बताया कि आरोपित छात्रा ने वाणिज्य विषय से बीकॉम किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि बीकॉम में कम नंबर होने के कारण उसे बीएड में प्रवेश नही मिल पा रहा था।

जिसके बाद उसने कुविवि के नाम से एमए की फर्जी मार्कशीट बना ली। लेकिन प्रवेश से पूर्व संस्थान ने सत्यापन के लिए मार्कशीट कुमाऊं विवि भेजी, जांच में जहां मार्कशीट फर्जी पाई गई।

 

बड़े गिरोह से उठ सकता है पर्दा

 

फर्जी डिग्री बनाकर छात्रा ने बीएड संस्थान में प्रवेश तो ले लिया, लेकिन सत्यापन के लिए डिग्री कुविवि पहुंचने पर वह पकड़ी गई। वहीं छात्रा को पकडऩे के बाद पुलिस बड़ा गिरोह से पर्दा उठने का दावा कर रही है। कोतवाल अशोक कुमार सिंह ने बताया मामले में पूरा रैकेट के शामिल होने की संभावना है। पूछताछ से फर्जी डिग्री बनाने वाले का पता लगाया जाएगा।

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