देश/प्रदेश

उपेक्षित ग्रामीण करेंगे आर-पार की लड़ाई

रानीखेत : क्षेत्र की उपेक्षा से आहत ताड़ीखेत व बेतालघाट ब्लॉक से सटे सुदूर गावों के बाशिंदों ने शासन-प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगा आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। पेयजल सहित ज्वलंत मुद्दों के निराकरण को ग्रामीण अनशन पर बैठ गए हैं। दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक मागें पूरी नहीं होती, आदोलन जारी रहेगा।

 

पानी की समस्या सहित जीआइसी लोधियाखान में प्रधानाचार्य व शिक्षकों की नियुक्ति न होने से गुस्साए ताड़ीखेत व बेतालघाट ब्लॉक से सटे मुसोली, बयेड़ी, मटेला, बिल्लेख, बलियाली, लोधियाखान आदि गावों के ग्रामीणों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है।

धूराफाट संघर्ष समिति के बैनर तले लोधियाखान में बैठक कर ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। कहा कि लोग बीते चार माह से पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं, लेकिन कोई सुधलेवा नहीं है।

वक्ताओं ने कहा कि इस मांग पर बीते वर्ष जल निगम रामनगर, जल संस्थान नैनीताल व रानीखेत प्रशासन के साथ हुए लिखित समझौते के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया था।

लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन आरंभ कर दिया। पहले दिन अनशन पर पूरन पांडे, प्रेम सिंह, जय बल्लभ, नैन सिंह, भुवन सिंह व जीवन सिंह बैठे।

दो टूक चेतावनी दी जब तक मागों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती, आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान सोनू फर्त्याल, पुष्पा देवी, रेवती देवी, तारा देवी, भावना, गंगा देवी, देवकी देवी आदि मौजूद रहे।

विशेष