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उत्‍तराखंड के 43 लाख बच्चे होंगे कृमि मुक्त

देहरादून,राष्ट्रीय कृमि मुक्ति कार्यक्रम के तहत प्रदेश के 43 लाख बच्चों को एल्बेंडाजॉल की दवा खिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बच्चों को दवा खिलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

 

शनिवार को हिम ज्योति स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष लगभग 30 लाख बच्चों को एल्बेंडाजॉल की दवा खिलाई गई थी। इस वर्ष 10 फरवरी को लगभग 43 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि इसमें स्कूलों की बहुत बड़ी भूमिका रहेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। देश के बच्चे स्वस्थ रहेंगे तो देश का भविष्य भी उज्ज्वल होगा। कृमि संक्रमण के कारण बच्चों के स्वास्थ्य व विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे एनीमिया और कुपोषण आदि होने की भी संभावना रहती है।

 

इस अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य उत्तराखंड अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष ज्ञान सिंह नेगी, हिम ज्योति फाउंडेशन के सचिव एवं पूर्व मुख्य सचिव सी रविशंकर, प्रभारी स्वास्थ्य सचिव डॉ. पंकज पांडेय, एनएचएम के निदेशक युगल किशोर पंत, स्वास्थ्य महानिदेशक अमिता उप्रेती, मुख्य चिकित्साधिकारी मीनाक्षी जोशी, कोरोनेशन एवं गांधी अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. वीसी रमोला आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन स्टेट आइईसी अधिकारी जेसी पांडेय ने किया।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के माध्यम से प्रदेशभर के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में कृमिनाशक दवा खिलाई जाएगी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की ओर से राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जाता है। जिसके तहत उत्तराखंड में स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के साझा प्रयास से सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में फरवरी में कृमिनाशक दवा खिलाई जाती है। इसमें एक से 19 साल के बच्चों को शामिल किया जाता है।

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