देश/प्रदेश

आपदा में क्षतिग्रस्त पुल की हालत दयनीय

????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????????

पिथौरागढ़ : आपदा से प्रभावित तहसील बंगापानी में पुलों को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कहीं पर चार साल पूर्व स्वीकृत पुल का कार्य नहीं चल रहा है तो कहीं पर पुल की नींव डालने के बाद पांच से कार्य बंद कर दिया गया है।

गरारी के सहारे चल रहा आवागमन जानलेवा बना है। विगत दो साल के बीच तीन लोग जान गंवा बैठे हैं तो एक दर्जन से अधिक गरारी से गिर कर दिव्यांग की श्रेणी में आ चुके हैं।

 

तहसील बंगापानी में बहने वाली गोरी नदी के दोनों तरफ गांव हैं। इन गांवों के स्कूल, बाजार गोरी नदी के दूसरे छोर पर हैं। गोरी नदी के उत्तरी छोर पर स्थित गांव के ग्रामीणों को बाजार, विद्यालय और बाहर जाने के लिए गोरी नदी पार कर दक्षिणी छोर पर आना आवश्यक है।

इस क्षेत्र में लुम्ती के पास से घुरु ड़ी तक 2015 में पुल स्वीकृत हुआ था। यह पुल मोटर पुल बनना था। पहली बार गोरी नदी का दूसरा छोर सड़क से जुड़ना था। वर्ष 2013 की आपदा से यह क्षेत्र बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था।

छह माह तक क्षेत्र अलग-थलग पडृा रहा। बाद में नदी का जलस्तर घटने पर ग्रामीणों ने श्रमदान से लकड़ी का अस्थायी पुल बनाया। नदी का जलस्तर बढ़ते ही पुल बह गया। बाद में लोनिवि द्वारा गरारी लगाई गई। गरारी ऐसी जानलेवा बनी कि जिससे गिर कर तीन लोगों की मौत हो गई ।

विभाग ने शीघ्र मोटर पुल बनने का भरोसा दिया। पांच साल पूर्व मोटर पुल का निर्माण कार्य प्रारंभ किया, परंतु कार्य रोक दिया गया। बीते माह गरारी से स्कूल से घर जा रही एक बालिका के गरारी के गिरने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैला है। पुल के अभाव में आज भी छह गांव शेष दुनिया से एक तरह से कटे हुए हैं।

वहीं तहसील मुख्यालय बंगापानी से मवानी दवानी, आलम दारमा के लिए बन रही सड़क के प्रारंभ में गोरी नदी पर पुल बनना है।

शीतकाल में जेसीबी गोरी नदी से दूसरी तरफ ले जाकर सड़क काट दी गई परंतु दो साल पूर्व पुल के टेंडर लगने के बाद भी पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है।

जिसे लेकर आक्रोशित जनता ने अब नौ फरवरी से बेमियादी धरना, प्रदर्शन की चेतावनी दी है। नदी, नालों वाले इस क्षेत्र में पुल ही लाइफ लाइन हैं परंतु उनका निर्माण नहीं होने से जनता आज भी अलग थलग पड़ी है।

बंगापानीमें पुल के लिए पहली बार लगे टेंडर का मामला न्यायालय गया था। दूसरी बार केवल एक ही टेंडर लगा है। जिसे लेकर अब रिटेंडर किया जा रहा है। शीघ्र पुलों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा।

विशेष