देश/प्रदेश

अधूरे पुल निर्माण से अधर में लटकी ग्रामीणों की उम्मीद

उत्तरकाशी : शासन-प्रशासन की लापरवाही के चलते बीते चार वर्षों से भटवाड़ी ब्लॉक अंतर्गत लाटा गांव के समीप भागीरथी नदी के ऊपर बन रहा मोटर पुल का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है।

पुल का निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधि कई बार विभागीय अधिकारियों से लिखित और मौखिक रूप से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन, संबंधित विभाग बजट का रोना रो रहा है।

आलम यह है कि पुल का निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है। जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर लाटा गांव के समीप वर्ष 2009 में शासन ने भागीरथी नदी चार करोड़ 90 लाख की लागत से करीब 100 मीटर मोटर पुल का निर्माण कार्य स्वीकृत किया था।

लोक निर्माण विभाग उत्तरकाशी को पुल निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। वर्ष 2014 में संबंधित विभाग ने मोटर पुल का निर्माण कार्य शुरू किया। करीब एक वर्ष कार्य करने के बाद वर्ष 2015 में पुल का निर्माण कार्य बंद हो गया। तब से लेकर अब तक पुल का निर्माण कार्य बंद पड़ा हुआ है।

स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता त्रेपन सिंह पंवार ने बताया कि समय पर मोटर पुल का निर्माण होने से सौरा, सारी, सालू गांव के ग्रामीणों को सहूलियत मिलती। इसके साथ ही बेलक बुग्याल जाने वाले रूट और बूढ़ाकेदार, केदारनाथ की दूरी भी पुल के बनने से कम हो जाती।

लेकिन, लोनिवि ने पहले पुल का निर्माण कार्य धीमी गति से शुरू किया, उसके बाद कार्य की गति नहीं बढ़ी, नतीजतन पुल का निर्माण कार्य बंद हो गया। पुल निर्माण को लेकर कई बार संबंधित विभाग को अवगत कराया जा चुका है, उसके बावजूद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।

सोरा निवासी व्यास गिरी महाराज ने बताया कि पुल निर्माण में लोनिवि ने पुल की दीवार के निर्माण के दौरान आसपास के कई पेड़ पौधों को नुकसान पहुंचाया है। जिसकी शिकायत उन्होंने समाधान पोर्टल में की है। इसकी जांच की लिए उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान को भी ज्ञापन सौंपा है।

वर्ष 2015 में पुल के निर्माण के लिए 11 करोड़ का दोबारा शासन को भेजा है। जैसे ही शासन स्तर से बजट स्वीकृत होता है, पुल का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

विशेष