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अचानक क्‍यों गायब हुआ असम का एनआरसी डाटा

नई दिल्‍ली, असम राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) की सूची के आधिकारिक वेबसाइट से ऑफलाइन होने पर गृह मंत्रालय (एमएचए) का कहना है कि एनआरसी का डाटा सुरक्षित है। कुछ तकनीकी परेशनी क्‍लाउड में दिखाई दी है। इस समय के संज्ञान में आने के बाद इसे ठीक किया जा रहा है।

दरअसल, असम के राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर से जुड़ी नागरिकों का सभी विवरण आधिकारिक वेबसाइट से गायब हो गया। अक्‍टूबर में रजिस्टर में शामिल और रजिस्टर से बाहर सभी नागरिकों की पूरी जानकारी nrcassam.nic.in पर अपलोड की गई थी।

बता दें कि इसी लिस्ट में रजिस्टर में शामिल 3.11 करोड़ लोगों के साथ-साथ रजिस्टर से बाहर 19.06 लाख लोगों की भी पूरी जानकारी थी। ऐसे में असम के लोगों के साथ-साथ देश के अन्‍य लोग भी हैरान थे।

हालांकि, इसकी वजह गृह मंत्रालय ने बता दी है।गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद असम में एनआरसी की प्रक्रिया शुरू हुई थी। अगस्त 2019 में प्रकाशित एनआरसी की अंतिम सूची से करीब 19 लाख लोग बाहर रह गए थे।

एनआरसी को लेकर मंगलवार को लोकसभा में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने जानकारी दी थी कि अगर असम एनआरसी में माता-पिता का नाम है, तो छूटे बच्चों को डिटेंशन सेंटर नहीं भेजा जाएगा।

उन्‍होंने बताया कि अटॉर्नी जनरल ने 6 जनवरी 2020 को शीर्ष कोर्ट के समक्ष कहा था कि ऐसे बच्चों को उनके अभिभावकों से अलग नहीं किया जाएगा और डिटेंशन सेंटर भी नहीं भेजा जाएगा।

पूरे देश में अभी NRC नहीं

देश के कई राज्‍यों में एनआरसी को लेकर प्रदर्शनों का दौर जारी है, लेकिन सरकार ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि इसको लेकर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार ने संसद में बाकायदा लिखित जवाब में यह बता दिया है।

इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी साफ कर चुके हैं कि एनआरसी को लेकर सरकार के भीतर अभी तक कोई चर्चा नहीं हुई है।

लोकसभा में एक सवाल के जवाब में गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि ‘अभी तक, सरकार ने ‘भारतीय नागरिकों का राष्ट्रीय रजिस्टर (एनआरआइसी)’ को राष्ट्रीय स्तर पर तैयार करने का कोई निर्णय नहीं लिया है।’

 

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